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पंकज: बीज अधिनियम, 1966 पर लेख की श्रृंखला के भाग–1 में हम इस अधिनियम के उद्देश्य तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण… READ MORE
आनंद अंबादास कंजे: भारत हा मुळात कृषिप्रधान देश असल्यामुळे आजही सर्वाधिक रोजगार हा शेतीमधूनच मिळतो। तसेच भारतातील सर्वाधिक लोक हे… READ MORE
राजकुमार सिन्हा: हाल में हुए कृषि अर्थशास्त्रियों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 80 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। हम यह भी… READ MORE
नरेश कुमार बेसरा: आओ मेरे गाँव मेंकभी समय निकाल करइमली पेड़ के छांव मेंबैठ कर बात करेंगे। घर में मिट्टी… READ MORE
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ବାଲକ୍ରିଷ୍ଣ ଷାଣ୍ଡ/ बालकृष्ण साण्ड: ଦେଶରେ କ୍ରୁଷି ଓ କ୍ରୁଷକର ସଂକଟ ଦେଖାଦେଇଛି। ବିଶେଷ ଅବିକଶିତ ରାଜ୍ଯ ରେ ସ୍ଥିତି ଭୟଙ୍କର। ଦରଦାମ ବ୍ରୁଦ୍ଧି ସମସ୍ୟା କୁ… READ MORE
अरविंद अंजुम: आप जानते ही हैं कि पिछले 9 महीने से भी ज़्यादा समय से किसान तीन कृषि कानूनों की… READ MORE
दीवान डुडवे: हमारा देश कृषि प्रधान है और कृषि हम भारतीयों के लिए रोज़गार का सबसे बड़ा साधन है। मौजूदा… READ MORE
पप्पू आर्य – (किसानों की दुर्दशा दर्शाता एक गीत) हम हैं किसान, हम हैं किसान …. हम हैं किसान,इस देश… READ MORE
सुरेश डुडवे (बड़वानी): मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की वरला तहसील के देवली गांव के किसान फसल के सही दाम नहीं… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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