वाहरू सोनवणे: आदिवासियों के मुद्दे और आदिवासियों के विकास के लिए आदिवासियों को आगे आना चाहिए, एकजुट होना चाहिए, अधिकारों… READ MORE
ज्योति लकड़ा: आज भी याद है मुझे आजी की वो कहानियाँ जिनमें टंगे होतेपेड़ों पर प्राणयह जानते हुए भी ….कटते… READ MORE
अमित भाई: जबसे यह पता चला है कि हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवाओं की है, इनकी… READ MORE
एलिन लकड़ा: जन संघर्ष समिति, नेतरहाट झारखंड के द्वारा तीन दिवसीय युवा शिविर का आयोजन किया गया, जहां नेतरहाट फील्ड फ़ाइरिंग… READ MORE
सुरेश डुडवे: अब आ गया समय अब नहीं तो कब अब आ गया समय नींद से जगने का अपने आप… READ MORE
ଜିତେନ୍ଦ୍ର ମ ji ୍ଜି (जितेंद्र मांझी): କୋଭିଡ-୧୯ ମହାମାରୀ ଯୋଗୁ ସମାଜ ରେ ଯେଉଁ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଆସିଛି ତାହାକୁ ଇଂରାଜୀ ଭାଷାରେ “ନ୍ୟୁ ନର୍ମାଲ” କୁହା… READ MORE
विजय सोलंकी: आज हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं, जहां मेहनत तो हर कोई कर रहा है परंतु… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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