एलिन लकड़ा:

जन संघर्ष समिति, नेतरहाट झारखंड के द्वारा तीन दिवसीय युवा शिविर का आयोजन किया गया, जहां नेतरहाट फील्ड फ़ाइरिंग रेंज से विस्थापन प्रभावित गाँवो के 170 युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह शिविर 19 मार्च से 21 मार्च 2022 तक चला।

संगठन द्वारा आयोजित इस युवा शिविर का मुख्य मक़सद, हर साल की तरह नेतरहाट आंदोलन में युवा पीढ़ी को जोड़ना तथा उनका योगदान तय करना था। महिलाओं के भागीदारी के बिना किसी भी आंदोलन को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है और ऐसे आंदोलनों में यही बात युवाओं के साथ भी लागू होता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जन संघर्ष समिति के वरिष्ठ अगुवागण जैसे जेरोम कुजूर, प्लासिदिउस टोप्पो, अनिल मनोहर केरकेट्टा ने सभी प्रतिभागी युवाओं को आंदोलन का इतिहास, क्षेत्र, मुद्दे, राजनीति और अभी की परिस्थिति को अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से बताया। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में अवस्थित आधारशिला लर्निंग सेंटर, साकड़ से आए अमित भाई ने, इन युवाओं के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निहित शोषण के तंत्र तथा विकास की अवधारणा की समझ विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। शिविर के दौरान आंदोलन के कई गानों को युवाओं को सामूहिक रूप से सिखाया गया। ग्रुप डिस्कशन, वर्क, प्रेजेंटेशन, फिल्म, डिबेट, रोल प्ले इत्यादि गतिविधियों द्वारा सभी सत्रों को दिलचस्प बनाते हुए यह युवा शिविर सम्पन्न हुआ।

शिविर का अंतिम दिन, 22 और 23 मार्च के विरोध और संकल्प दिवस की तैयारी के लिए रखा गया, जहाँ सभी युवा दो दिन के कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए कार्यभार संभालते हैं। इन दो दिन में सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग जिम्मेदारियाँ निभाई और इन जिम्मेदारियों में आंदोलन के गाने प्रस्तुत करना, नारे लगाकर अगुवाई करना, अतिथि स्वागत, पार्किंग, डिसिप्लिन, मेडिकल एमरजेंसी आदि प्रमुख थे। 

वीडियो आभार: स्मृति कुजूर और बसंत कुजूर; वीडियो एडिटिंग: महिपाल ‘मोहन’

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  • एलीन, सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं और दिल्ली की संस्था श्रुति के साथ लम्बे समय तक जुड़ी थीं। वह वर्तमान में रांची में रहती हैं और एक संस्था के साथ जुड़ कर काम कर रही हैं।

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