सुरेश डुडवे: अब आ गया समय अब नहीं तो कब अब आ गया समय नींद से जगने का अपने आप… READ MORE
सुरेश डुडवे: अक्सर हमने लोगों से सुना है कि राजनीति बहुत गंदी है। इससे दूर ही रहना चाहिए। कई सारे… READ MORE
सुरेश डुडवे: दूर से नारों की आवाज़ आ रही थी। किसानों को नियमानुसार बिजली देनी होगी… देनी होगी…,आदिवासियों के साथ… READ MORE
सुरेश डुडवे: नशे की लत ने उसे पूरी तरह से खोखला कर दिया था। पिछले साल उसे खून की उल्टियां… READ MORE
सुरेश डुडवे: बादल उम्र करीब 8 साल, पैर में टूटी हुई चप्पलें, फटा हुआ टी शर्ट और लगभग उसी हालत… READ MORE
सुरेश डुडवे: आदिवासी समाज में शुरुआत से एक दूसरे के सुख-दुःख को अपना समझ कर चलने की विशेषता रही है,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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