शुभम : हर महिला में वह क्षमता होती है जो उसे अपने जीवन को नए आयामों तक पहुंचा सकती है,… READ MORE
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शुभम: समाज कार्य के अंतिम सेमेस्टर में मुझे एक प्रकरण लिखने का मौका मिला। प्रकरण की थीम थी- बुजुर्गों की… READ MORE
शुभम पांडे: भारतीय समाज के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो हमेशा से ही शादी-विवाह, समाज में यश स्थापित करने और… READ MORE
युवानिया डेस्क: युवानिया के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में तीन दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया, लगभग… READ MORE
(किसान आन्दोलन के समर्थन में लिखी गई एक कविता) तेज़ झोंके हवाओं के आते रहे; और पानी बरसता रहा रात… READ MORE
शुभम पांडेय: पिछले कुछ वर्षों में, भारत में महिला सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। अपराध की दर लगातार… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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