शैलेश: जैसा कि हम सभी जानते हैं, दीवाली रौशनी का पर्व है – एक ऐसा त्योहार जब कोई भी अंधेरा… READ MORE
शैलेश, रिंपी: कार्य के दौरान लोगों को जानने और समझने की प्रक्रिया में जुड़ते हुए, मैंने जंगी हिंदुस्तानी का नाम… READ MORE
शैलेश सिंह: महिला दिवस के दौरान मेरी मुलाकात एक नई साथी नाजिया बेगम से हुई, नाजिया की उम्र लगभग 18… READ MORE
शैलेश समावेसी : सुबह से ही गाँव में बहुत चहल-पहल और शोर-शराबा देखने और सुनने को मिल रहा था। कोई… READ MORE
शैलेश सिंह: मैं शैलेश स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान, केंद्र पर आने वाली सभी युवतियों से मिलना-जुलना कर रही… READ MORE
शैलेश सिंह: संगीत दिवस के दौरान मेरा मिलना तीन नए साथियों से हुआ, यह तीन साथी महिमा, मैरी और खुशबू… READ MORE
शैलेश: नमस्ते मैं शैलेश, मैंने लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के (रिसिया ब्लॉक के) कई युवाओं… READ MORE
शैलेश: हम कई अलग-अलग जगह घूमने जाते हैं, और हर जगह का अपना एक इतिहास होता है। हर नई जगह… READ MORE
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ज्योति व शैलेश, बहराइच, उत्तर प्रदेश मुझे मेला देखना और मेले में छोटे-छोटे सामान खरीदना बहुत ज़्यादा पसंद है। जब… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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