शैलेश: हम अक्सर बातों-बातों में अपने विचारों को सभी के समक्ष रख देते हैं और हमारी भाषा हमारे व्यवहार को… READ MORE
शैलेश: कैसे सत्ता का दुरुपयोग और न्याय, समानता, समता, और बंधुता के मूल्यों का हनन, ज़िम्मेदारी उठाने की स्थिति में… READ MORE
शैलेश सिंह: सुशीला दीदी से बातचीत के दौरान उनके जीवन में हुई एक घटना की जानकारी मिली। सुशीला दीदी बताती… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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