शैलेश:

नमस्ते मैं शैलेश, मैंने लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के (रिसिया ब्लॉक के) कई युवाओं से बातचीत की और जानने की कोशिश की, कि अबकी बार उन्हें कैसी सरकार चाहिए । साथ ही मैंने यह भी जानने का प्रयास किया कि युवाओं की क्या उम्मीदें, क्या अपेक्षाएँ हैं l इन बिंदुओं को लेकर मेरी कुछ युवाओं से बात हुई जो इस तरह से है: 

रिंपी जी बीए की छात्रा हैं और बच्चों को कोचिंग पढ़ाने का कार्य भी करती हैंl उन्हें लगता है कि अबकी बार भी भाजपा की ही सरकार होनी चाहिए, क्योंकि भाजपा की सरकार आने के बाद से देश में रेप कम हो रहे हैं और सरकार महिलाओं पर अधिक ध्यान दे रही है और उनको पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप भी दे रही हैl इसके अलावा रिंपी की सरकार से यह उम्मीद है कि हमारे आस-पास पढ़ने की व्यवस्था को आने वाली सरकार और बेहतर करें, और लड़कियों पर किसी भी तरह की ज़बरदस्ती होने से  रोके। गरीब लोगों की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने में ध्यान दें, बेरोज़गारी कम हो और शादी में दहेज की मांग को खत्म करे। वे यह भी कहती हैं कि लड़की चाहे कितनी भी पढ़ी-लिखी हो और अगर लड़का नहीं भी पढ़ा लिखा है तो भी दहेज देना ही पड़ता है, इस पर सरकार को रोक लगाने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ।

रोज़ी जी एक टीचर हैं और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, वह कहती हैं कि आने वाली सरकार एजुकेटेड होनी चाहिए । हमें यह भी देखकर नेता चुनने चाहिए कि उनके द्वारा कोई गुनाह तो नहीं किया गया है और ऐसा नेता चुनना चाहिए जो हमारे संविधान की रक्षा कर सके। उनका मानना है कि ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को संसद में होना चाहिए और महिलाओं को बराबरी की सीटे मिलनी चाहिएl युवाओं को वोट देने में उत्सुकता होनी चाहिए और मतदान के प्रति जागरूक होना चाहिए कि वह कैसा नेता चुनने के लिए आगे बढ़ रहे हैं । वह यह भी कहती है कि 21 करोड़ से ज्यादा मतदाता युवा हैं और युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सोच-समझकर वोट देना चाहिएl उनका मानना है कि सांप्रदायिकता को दरकिनार किया जाना चाहिए और आज की सरकार को सेकुलर होना चाहिए ।

शकुंतला जी एक महिला मंच की बुककीपर हैं, उनका कहना है कि राजनीति में महिलाओं के लिए कुछ स्तरों पर आरक्षण तो है पर अभी भी उन्हें बराबरी का दर्जा नहीं मिला पाया हैl इसलिए सिर्फ दिखावे के लिए महिलाओं को सीटें ना दी जाएँ, बल्कि उनकी बराबरी तय करने के प्रयास हों। सरकार द्वारा रेप केस में भी उचित कार्रवाई नहीं की जाती, कई विधायक और सांसदों पर ही रेप के आरोप हैं, उनके पर भी किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती। इसके बावजूद पार्टियां ऐसे नेताओं को बार-बार टिकट देती हैं और ये जीत भी जाते हैं। जब ये सत्ता में आते हैं तो उसका भरपूर दुरुपयोग भी करते हैंl शकुंतला जी का यह भी कहना है कि आज की सरकार बेरोज़गारी पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे हो रही है। ज़्यादातर परिवारों में पुरुष देश-विदेश में पलायन करते हैं, जो बढ़ती बेरोज़गारी की वजह से हो रहा है। कई परिवारों पर इसका बहुत गहरा असर पड़ रहा हैl आने वाली सरकार से उनकी उम्मीदें हैं कि जो कार्य लोग बाहर के देश जाकर करते हैं, वैसी ही फैक्ट्री और उनके स्तर की सुविधाएँ अपने देश में की जाएँ ताकि बेरोज़गारी में गिरावट आ पाए। 

फर्स्ट ईयर की छात्रा अर्चना कहती हैं कि गैंग रेप लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में लड़कियों की सुरक्षा को ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान में रखने की ज़रूरत हैl हमारी सरकार इस दिशा में कोई भी कार्य बेहतर नहीं कर रही हैl हमें बहुत दूर-दूर तक अकेले और पैदल जाना होता है, क्योंकि हमारे यहाँ की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही अस्त व्यस्त है, स्कूल पास में नहीं हैं ।लगातार इस तरीके के केस सुनते में आते हैं तो हमें भी डर लगता हैl ऐसा लगता है की सरकार का ध्यान सिर्फ जनता को फ्री राशन देने और किसानों को पैसा देने में हैl इसी तरीक से उन्होने अपने बेहतर कार्य करने का भ्रम फैला रखा है । सरकार को बेहतर कॉलेज और यूनिवर्सिटी जिले में ही बनवाने पर ध्यान देना चाहिए, जिससे आगे भविष्य को बेहतर करने में मदद मिले। इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को बिल्कुल ही तोड़कर रख दिया है ।

अर्चना जी से मैंने फिर सवाल किया कि अर्थव्यवस्था को लेकर क्या नुकसान हुआ हैl क्या तोड़ कर रख दिया हैl इस पर उनका कहना था कि, लगातार महंगाई बढ़ने से मध्यम वर्ग का आदमी टूट कर रह गया है, किसान परेशान हैं। ज़्यादातर युवा बेरोज़गारी के कारण बाहर पलायन कर रहे हैं, इस कारण सालों तक माँ-बाप को अपने बच्चों से दूर रहना पड़ता हैl सालों-साल बाहर काम करने के बाद भी अधिकांश युवा कुछ बचा भी नहीं पाते हैं, इससे उनका भविष्य खतरे में हैl वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा पोषण और बेहतर जीवन नहीं दे पा रहे हैंl हमसे जो ऊपर बैठे कुछ मुट्ठीभर लोग हैं, मुनाफा सिर्फ उन्हीं को हैl जो मेहनत कर रहा है, दिन-रात परेशान है, उसे किसी भी तरह का कहीं से कोई फायदा नहीं हो पा रहा हैl मैं आने वाली सरकार से यही चाहूंगी कि वह देश में महंगाई की दर कम करने और बेरोज़गारी हटाने पर सबसे ज़्यादा ध्यान दे।

ज्योति जी, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और खेती को लेकर महिलाओं के साथ कार्य करती हैं, उनका कहना है- 

देश में भ्रष्टाचार बहुत अधिक बढ़ गया है, जितने भी सत्ताधारी लोग हैं वह सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैंl एक छोटी सी ग्राम पंचायत का प्रधान भी पांच गाँवों को लूटने में जरा सी भी कसर नहीं छोड़ताl लोगों के हक की जो भी योजनाएँ आती हैं वह सबसे पहले उनको मिलती हैं, जो पहले से ही आर्थिक स्थिति से मजबूत हैंl जिसको सही में ज़रूरत होती है, उसकी तरफ प्रधान का ध्यान जाता ही नहीं है या सबसे अंत में जाता हैl आवास या खेती-किसानी की योजनाओं को लेकर जो कमीशन देने को तैयार होता है सिर्फ उसी तक योजनाएँ पहुँच पाती हैं। 

गरीब किसान मरे जा रहा है, एजुकेशन व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करके रख दिया है, पढ़ने का पूरा पाठ्यक्रम बदल कर रख दिया हैl विद्यार्थी परेशान हैं और जो निम्न वर्ग से हैं वह और भी ज़्यादा परेशान हैंl कॉलेज में, स्कूलों में लगातार घूस चल रही हैl प्रैक्टिकल के नाम पर विद्यार्थियों से 400-500 रुपये लूट लिए जाते हैं l ऐसे में गरीब विद्यार्थी आगे की शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं क्योंकि उनके पास जैसे-तैसे एडमिशन कराने के पैसे हो भी जाते हैं तो शिक्षा के और कई खर्चों के कारण वह आगे की प्रक्रिया में ठीक से शामिल ही नहीं हो पाते हैं। अंत में जब वह फेल हो जाते हैं तो फिर से इतने खर्चे को देखकर अगली बार एडमिशन लेने का सोच भी नहीं पाते। 

ग्रामीण इलाकों में सरकार की नज़र सिर्फ फ्री राशन और किसानों को एक छोटी सी राशि उपलब्ध करवा कर उनकी कमज़ोरी पकड़ने की तरफ केन्द्रित है। किसान अपना अनाज लेकर जिन रास्तों से जाता है वहाँ यातायात सुविधाएँ कैसी हैं, इस पर कभी उनकी नज़र नहीं पड़ती। मेरा मानन है कि हमारे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल ना के बराबर हैl इतना भ्रष्टाचार है कि लड़कियों के लिए अगर सेनेटरी पैड आता है या उनके लिए किसी तरह की कोई दवा, पाउडर आदि वितरण होने को आता है तो वह सब ऊपर वाले ही खा जाते हैंl इसका हिसाब लेने के लिए कोई भी नहीं है, सरकार की भी नज़र इस पर नहीं हैl मैं चाहती हूँ कि अबकी बार जो भी सरकार बने, उसमें भ्रष्टाचार ना हो और सरकार के लोग पढ़े-लिखे हों। महंगाई की दर में गिरावट आनी चाहिए और शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों व ज़रूरतों के बारे में सरकार को और गहनता से सोचना तथा काम करना चाहिए। 

तो इस प्रकार मेरी युवाओं से चुनावों और उनकी अपेक्षाओं को लेकर बातचीत हुई, जिस पर युवाओं ने अलग-अलग तरह से अपनी बातों को रखा। आने वाली सरकार से उनकी क्या उम्मीदें हैं और उनके आस-पास क्या हो रहा है, इस बारे में युवाओं ने खुलकर अपने विचार रखे। 

Author

  • शैलेश, उत्तर प्रदेश से हैंl वर्तमान में शैलेश सरजू फाउंडेशन के साथ जुड़कर उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में काम कर रही हैंl वह महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के साथ शिक्षा, आजीविका और संविधान से जुड़ी गतिविधियों के अंतर्गत कार्य करती हैंl शैलेश को कविता और कहानी लिखना अच्छा लगता हैl

    View all posts

Leave a Reply

Designed with WordPress

Discover more from युवानिया ~ YUVANIYA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading