पावनी: शायद हर कोई किसी न किसी चीज़ के लिए बना होता है।कोई बना होता है बहती धाराओं के लिए,… READ MORE
पावनी लोधियाल: कहीं धारों से, कहीं कुओं से,कहीं नहरों से, तो कहीं लहरों से,कहीं पानी, कहीं जल, तो कहीं नीर… READ MORE
पावनी: एक बार मेरे पापा के दोस्त हमारे घर आए हुए थे। दूर का सफ़र था इसलिए रात को वो… READ MORE
पावनी: छूना है आसमान, उन उड़ते परिंदों की तरह,मुझे भी एक दिन..। उन छोटी-बड़ी मछलियों की तरह,देखनी है सागर की गहराइयाँ,मुझे… READ MORE
पावनी: तुम्हें बढ़ना हैउस पथ की ओरजो इंकलाब की बोलियों से सजा है तुम्हें बढ़ना हैउस पथ की ओरजो इंसाफ… READ MORE
पावनी: दिल्ली शहर में गयी पहली बार, सोचा देखूंगी लाल किला और कुतुबमीनार, दो-मंजली गाड़ी में बैठी पहली बार, वहां… READ MORE
पावनी: उत्तराखंड में कई दंतकथाएं मौजूद हैं। दंतकथा मतलब ऐसी कहानियाँ या बातें जो कहीं लिखीं नहीं गई, किन्तु परंपरागत… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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