भरत भट्ट: दूर कहीं एक दीपक जल रहा था,मेरे जेहन में तुम्हारा ख्याल पल रहा था,तुम्हें सोचते सोचते रात इतनी… READ MORE
नंदिनी शर्मा: नौकरी जीवन का एक हिस्सा है,पर पूरा जीवन नहीं।।यह बात जानते हुए भीहम काम के बीच कहीं इसे… READ MORE
भरत भट्ट: वो गुज़र रही है धीरे से मेरी लाश के ऊपर सेचार क़दम चढ़े है मेरे, कफ़न के ऊपर… READ MORE
भारत के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों-चित्तौड़गढ़, ग्वालियर, दमोह, छिंदवाड़ा तथा आदिवासी अंचलों-से प्राप्त अनुभवों को संकलित करने पर महिलाओं की स्थिति… READ MORE
जंग हिंदुस्तानी: कतरनिया घाट में जंगल की सैर करने के लिए पालतू हथिनी सीताकली और चंपाकली एक साथ जाया करती… READ MORE
मंजूलता मिरी: ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के पास भूमि स्वामित्व न होना उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा रही है।… READ MORE
सविता: मैं सविता हूँ। जब मैं पाँच साल की थी, तब मेरा दाख़िला प्राथमिक विद्यालय में कराया गया। मैंने पहली… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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