जीनित सामाद: भारत का ग्रामीण समाज लंबे समय से आजीविका, पलायन और असुरक्षा के त्रिकोण में फंसा रहा है। ऐसे… READ MORE
प्रफुल्ला मिश्रा: ଆଦିବାସୀ ଶଦ୍ଦ କୁ ତର୍ଜମା କଲେ ଏହା ସ୍ପଷ୍ଟ ଯେ ବିଭିନ୍ନ ଭୂଖଣ୍ଡ ରେ ଆଦ୍ୟ ବାସିନ୍ଦା ହୋଇଥିବାରୁ ସେମାନେ ଆଦିବାସୀ ବା ମୂଳ… READ MORE
श्रीपति सिंकू: ଆଦିବାସୀ ସମାଜ ପ୍ରକୃତିର ଏକ ଅଙ୍ଗ ହୋଇ ଆଦିମ କାଳରୁ ରହି ଆସିଛି।ବଣ, ଜଙ୍ଗଲ ଓ ଜଙ୍ଗଲରେ ବସବାସ କରୁଥିବା ଜୀବ ଜନ୍ତୁ ମାନଙ୍କ… READ MORE
जिनित सामाद: ओडिशा के संबलपुर ज़िले का कुचिंडा उपखंड कोई साधारण इलाक़ा नहीं है। यह संविधान की पाँचवीं अनुसूची के… READ MORE
ଶୁକ୍ଳ ଶବର || शुक्ल सबर : ୧)ମୁଁ କଣ ଲେଖୁ ମୋ ମା ପାଇଁ…..ସେ ତ ମତେ ଲେଖୁଛି……..ଆଉ ତାହାକୁ କେମିତି ମୁଁ ଭୁଲି ପର…….ଯିଏ… READ MORE
जिनित सामाद : आओ बताऊं साथी कि मैं आज-कल क्या देख रहा हूँशायद आप भी वही देख रहे हो, जो… READ MORE
युवानिया डेस्क : संविधान दिवस जिसे “राष्ट्रीय कानून दिवस” के रूप में भी जाना जाता है, भारत में हर साल… READ MORE
युवानिया: ओडिशा से विश्व आदिवासी दिवस के जश्न की तस्वीरें मध्य प्रदेश से विश्व आदिवासी दिवस की झलकियाँ झारखण्ड में… READ MORE
जितेन्द्र मांझी द्वारा लिखित एवं राजू द्वारा संपादित: कंध आदिवासी समुदाय जिन्हें खोंड या कोंध के नाम से भी जाना… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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