जीनित सामाद: भारत का ग्रामीण समाज लंबे समय से आजीविका, पलायन और असुरक्षा के त्रिकोण में फंसा रहा है। ऐसे… READ MORE
जीवतलाल परमार: मनरेगा की समस्याएँ और नई योजना को लेकर बढ़ती चिंताएँ राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले का आदिवासी क्षेत्र लंबे… READ MORE
By Juheb Jhony: In Varanasi’s sun-scorched lanes and flood-ravaged villages and slums, climate change is not a distant threat—it’s a… READ MORE
जिनित सामाद: महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (महात्मा गाँधी नरेगा या मनरेगा) कानून, ग्रामीण श्रमिकों के लिए… READ MORE
राजू राम: साकड़ में बंधुआ मज़दूरी और उसके उन्मूलन के मुद्दे के बारे में समझ बनाने के लिए आयोजित दो… READ MORE
मेरे पापा ऐसी परिस्थिति से एकदम भी नही घबराते हैं। उनका हँसता हुआ चेहरा हम सभी को बहुत हिम्मत दे… READ MORE
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अखिलेश: मनरेगा के काम में मजदूरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लिखित में काम मांगने के बावजूद… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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