मान्या: अपने जानने, समझने और सीखने की प्रक्रिया के दौरान मुझे गाँव के लोगों के जीवन और उनकी खेती-किसानी की… READ MORE
जिनित सामाद: मई दिवस का इतिहास खून-पसीने की स्याही से लिखा गया है। आज जब हम आधुनिक भारत की बात… READ MORE
मधुलिका: हमारा संगठन मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं का संगठन है। ये नरेगा में काम करने वाले… READ MORE
जीनित सामाद: भारत का ग्रामीण समाज लंबे समय से आजीविका, पलायन और असुरक्षा के त्रिकोण में फंसा रहा है। ऐसे… READ MORE
जीवतलाल परमार: मनरेगा की समस्याएँ और नई योजना को लेकर बढ़ती चिंताएँ राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले का आदिवासी क्षेत्र लंबे… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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