खेमलाल खटर्जी: मैं मज़दूर हूँ,ज़मीन से आसमान तक मशहूर हूँ।कभी लकड़ी का कोयला,तो कभी कोहिनूर हूँ।। डूबा हूँ मुश्किलों के… READ MORE
महेश मईडा: लोकतंत्र में सबके राजनैतिक विचार एक जैसे नहीं होते हैं। मेरा मानना है कि सिर्फ राजनीति ही जीवन… READ MORE
योगेश चन्द्र भट्ट: हमार देखन-देखनें आज यौ वर्ष ले न्हे गोहमरि जिंदगीक एक और नयी वर्ष द्वि हजार बाईस ए… READ MORE
अजय कन्नौजे: प्रकृति से ही लिया है, तो उसे लौटाना पड़ेगा, प्रकृति से ही जीवन है, तो उसे मनाना पड़ेगा।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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