युवानिया डेस्क:

ट्रॉली टाइम्स, किसान मोर्चा के पक्ष में समान विचारधारा वाले लोगों- लेखकों, कलाकारों जैसे कुछ युवाओं की एक पहल है। यह किसान मोर्चा का आधिकारिक अखबार नहीं है। 

ट्रॉली टाइम्स किसान आंदोलन की ऐतिहासिक गतिशीलता और सभी किसानों और किसान संगठनों के सक्षम नेतृत्व से प्रेरित है। इसे शुरु करने का मकसद लोगों की कहानियों को लोगों तक पहुंचाने का एक ज़रिया उपलब्ध करवाना है। लोगों के मन की बातों को सामने लेकर आने के इरादे के साथ ट्रॉली टाइम्स को शुरू किया गया है, इसके हर अंक में अलग-अलग लेखकों के लेख आते हैं। हमारा इरादा बस यही है कि लेखन, मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट किसान मजदूर मोर्चे के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। 

ट्रॉली टाइम्स के पहले दो संस्करणों में प्रकाशित हुई लगभग हर कहानी ट्रॉलियों में रहने वालों की थी, जिन्हें टीम ने विभिन्न आंदोलन स्थलों पर लोगों से बात करके और उनका इंटरव्यू लेकर तैयार किया था। तीसरा संस्करण पूरी तरह से महिला प्रदर्शनकारियों और मौजूदा संघर्ष पर उनके दृष्टिकोण पर केन्द्रित रहा। चौथा संस्करण आंदोलन में मजदूरों की भागीदारी के बारे में था, जिसमें मजदूर मुक्ति मोर्चा जैसे संगठनों के विचार शामिल किए गए। पांचवें संस्करण में, अर्थशास्त्री रेतिका खेरा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के से जुड़े मिथकों पर लिखा, साथ ही अन्य लोगों द्वारा लिखे गए कई लेख भी इसमें प्रकाशित हुए। 

ट्रॉली टाइम्स के पहले पेज पर आंदोलन के मौजूदा हालत और इसके रुख से संबन्धित खबरों को जगह दी जाती है और बाकी में स्वतंत्र लेखकों द्वारा भेजे गए लेखन, चित्र और कलाकृतियों को शामिल किया जाता है।

किसानों के इस आंदोलन ने न केवल देश के आम लोगों को जागरूक किया है, बल्कि राजनीतिक दलों को भी किसान आंदोलन के समर्थक की हैसियत से जनस्वर में बोलने के लिए प्रेरित किया है। ट्रॉली टाइम्स सभी किसानों और श्रमिक संगठनों के संगठित होने और उनके सक्षम नेतृत्व के लिए उनका ऋणी है, जिसने न केवल पंजाब-हरियाणा बल्कि पूरे भारत के किसानों और मज़दूरों को अपने अधिकारों के लिए मुखर होने का एक और मौका दिया है। 

इस मोर्चे ने युवाओं की राजनीतिक समझ को जागृत किया है और आम जनों की भलाई के लिए दुनिया में एक आशा पैदा की है। संगठनों के काम ने वैचारिक मतभेदों के बावजूद इस सार्वभौमिक आंदोलन को एक ऐसे स्थान पर ला दिया है जिसके परिणामस्वरूप जीत हुई है।

ट्रॉली टाइम्स टीम : नवकिरण नट, जस्सी संघा, सुरमीत मावी, गुरदीप धालीवाल, अजयपाल नट, जसदीप सिंह, नरिंदर भिंडर।

ट्रॉली टाइम्स की ब्लॉगसाइट के ‘अबाउट अस’ भाग से अनुवादित।

इस पत्रिका के सभी अंक आगे दिए गए ट्रॉली टाइम्स के वेबसाइट लिंक पर जाकर पढ़े जा सकते हैं – Trolley Times

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