जितेन्द्र तबियाड: मैं बहुत ही गरीब परिवार में, एक छोटे से गाँव डेडली आसियाबाद, ज़िला डूंगरपुर, राजस्थान में पला-बढ़ा हूँ।… READ MORE
गुफरान : भारत में बहुत से लोग हैं जो यहाँ जन्मे, पले, बड़े हुए, लेकिन भारत को समझ नहीं पाए।… READ MORE
मधुरेश कुमार : सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना…अवतार सिंह ‘पाश’ अनिल चौधरी उर्फ़ अनिल दा, ऐसे… READ MORE
इच्छा और जानवी : इच्छा और जानवी दोनों ने अपने मोहल्ले को लेकर एक किस्सा गोई तैयार किया है –… READ MORE
सौम्या रिहा: जब आप ट्रेन में बैठते हैं तो मुझे लगता है कि आपको किताब और फ़ोन की ज़रुरत नहीं… READ MORE
नीतिशा खलखो: नौकरी के खातिर – लघुकथा 1कुमार : डॉ अमरेंद्र जादव का फेसबुक प्रोफाइल जाने क्यों इन दिनों फेसबुक… READ MORE
शांभवी शर्मा : “जब दो दिल एक होने का फैसला करते हैं तो प्यार का बंधन सामाजिक या धार्मिक ताकतों… READ MORE
दशरथ जाधव: दलितांच्या मुलांना शाळेत सार्वजनिक रित्या पाण्याचा पिण्यासाठी वापर करू दिला जात नव्हता तसेच त्यांना इतर सवर्ण मुलांपासून दूर… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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