नरेश बिस्वास: जैव विविधता की चुनौती आज पूरी दुनिया में है। कुछ जैव विविधता तो इस धरती से लुप्त हो… READ MORE
नरेश कुमार बेसरा: आओ मेरे गाँव मेंकभी समय निकाल करइमली पेड़ के छांव मेंबैठ कर बात करेंगे। घर में मिट्टी… READ MORE
ज्योति लकड़ा: आज भी याद है मुझे आजी की वो कहानियाँ जिनमें टंगे होतेपेड़ों पर प्राणयह जानते हुए भी ….कटते… READ MORE
जंग हिंदुस्तानी: जंगल के बीचों-बीच बसे इस गाँव में आज काफी चहल-पहल थी। इस गाँव में दोनों तरफ से नदी… READ MORE
मंजुलता मिरी: ग्राम लोहरा कोर्ट, ग्राम पंचायत भुकलुडीही के निवासी मनीराम और 5 अन्य परिवार, जंगल की ज़मीन पर 40-45… READ MORE
ଜାକିଣ୍ଟା କେର୍କେଟା : ମା!ତୁ ଏମିତି ରାତିସାରାକାହିଁକି ଅପେକ୍ଷା କରୁଛୁ?ମହୁଲ ଫୁଲ ଗୁଡ଼ିକ ତଳେପଡ଼ିଲା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ!ଗଛରୁ ଛିଣ୍ଡାଇ ଆଣି ଦେଉନୁ! ପ୍ରଶ୍ନ ଶୁଣି ମା କହେ,ଇଏ ରାତି… READ MORE
रासमनी तांती: आज है विश्व पर्यावरण दिवस क्या आन पड़ी मनाने को पर्यावरण दिवस जो हो गये मानव पेड़-पौधे लगाने… READ MORE
डेज़ी कूजुर: जितनी लंबी और चौड़ी रोड, उतनी बड़ी ट्रक, उतने बड़े लोग, और उतनी बड़ी लालच। जितनी लंबी और… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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