लालच और विकास: कविता

डेज़ी कूजुर:

जितनी लंबी और चौड़ी रोड,

उतनी बड़ी ट्रक,

उतने बड़े लोग,

और उतनी बड़ी लालच।

जितनी लंबी और चौड़ी रोड,

उतनी खदान,

उतनी कारख़ाने और हस्पताल,

और उतनी बड़ी लालच।

जितनी लंबी और चौड़ी रोड,

उतने बड़े लोग,

उतनी बड़ी दुकानें,

और उतनी बड़ी लालच।

जितनी लंबी और चौड़ी रोड,

उतने कम जंगल,

और उतने कम हम लोग।

Author

  • डेज़ी, ओडिशा के सुंदरगढ़ ज़िले से हैं। उन्होंने टीआईएसएस मुंबई से सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। वर्तमान में डेज़ी जन साहस के साथ जुड़कर काम कर रही हैं।

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