Arshia Kashyap: We live in times of great apprehension and restrictions- the current right-wing regime in India has consistently made… READ MORE
Suranjita Raybarman: We are in a society where a devi or goddess is worshipped, but when a girl child is… READ MORE
सुनील पासवान: ‘हमें ये शौक है, देखें सितम की इंतेहा क्या है।’ मेरे पापा श्री दीपानारायण पासवान, उफ़रेल चौक, वार्ड… READ MORE
बचपन में मैं सरकारी विद्यालय में पढ़ती थी तो वहाँ हमारे साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था,… READ MORE
बंधुआ मज़दूरी या बेगार की प्रथा को इतिहास के पन्नों में खोजने की कोशिश करेंगे तो जाने कितनी परतों को… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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