अफाक़ उल्लाह: चौक एज में घंटाघर से गुलाबबाड़ी की तरफ़ जाते हुए बायें हाथ पर एक 1920 के करीब शुरू… READ MORE
सुमन चौहान: इस क्षेत्र में दीपावली वाले दिन पूजा नहीं करते हैं। धनतेरस को लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं।… READ MORE
पावनी: एक बार मेरे पापा के दोस्त हमारे घर आए हुए थे। दूर का सफ़र था इसलिए रात को वो… READ MORE
अजय कन्नौजे: प्रकृति से ही लिया है, तो उसे लौटाना पड़ेगा, प्रकृति से ही जीवन है, तो उसे मनाना पड़ेगा।… READ MORE
बीना कुमारी दंडपाट: सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी बीना, झारखंड के चाईबासा क्षेत्र से हैं। युवानिया के इस अंक के… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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