सत्यम : आज ‘युवानिया’ का सौवां अंक आपके साथ साझा हो रहा है। इस पाक्षिक वेब पत्रिका ने एक लंबा… READ MORE
|
रिया व आकांशा: प्राचीनकाल में जब लोगोंं की संख्या कम थी और चारों ओर घना जंगल हुआ करता था। उस… READ MORE
आधारशिला बालिकाएं : युवानिया का यह विशेष अंक, हाशिये पर मौजूद समुदायों के अधिकारों की लड़ाई में अपना जीवन लगा… READ MORE
हफ्सा नाज़: अच्छी सेहत ही अच्छी ज़िन्दगी जीने का रास्ता होती है, आपका खान-पान, रहन-सहन और व्यायाम इसमें एक अहम… READ MORE
कलादास: क्या आप बस्तर को जानते हैं?घने वनों से आच्छादितखनिज संपदा का भण्डारअपने अंदर समेटे हुएआपार खनिज संपदाआधुनिक चकाचौँध सेबहुत… READ MORE
शांभवी शर्मा : “जब दो दिल एक होने का फैसला करते हैं तो प्यार का बंधन सामाजिक या धार्मिक ताकतों… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress