अफ़ाक उल्लाह: उत्तर प्रदेश के अविभाजित फ़ैज़ाबाद ज़िले में जन्मे राजबली यादव 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी को मुकम्मल… READ MORE
सिद्धार्थ: ये बात साल 1994 की है, मेरी उम्र तब 9 साल की थी और मैं मेरे परिवार के साथ… READ MORE
देवेंद्र उपाध्याय: हम रोज़ बहुत से गाने सुनते हैं, कई कविताएँ हमारी आँखों के सामने से गुजरती हैं, पर कुछ… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष कविता कुड़ुख़ भाषा में इन्ना एन्देर उल्ला इन्ना एन्देर उल्ला सोहन बरा पाड़ोत… READ MORE
महिपाल: चैत का महीना शुरू होने वाला है और इन दिनों उत्तराखंड के जंगलों में काफल का फल पकने को… READ MORE
सिद्धार्थ: इंसान के पाषाण काल के दौर से आज तक के सफर को तय करने और इस दौरान विकसित होने… READ MORE
अफाक़ उल्लाह: चौक एज में घंटाघर से गुलाबबाड़ी की तरफ़ जाते हुए बायें हाथ पर एक 1920 के करीब शुरू… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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