रोहित चौहान : हर साल 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन पूरी दुनिया के मेहनतकशों की… READ MORE
जागृति सोनकर : मैं दिलकुशा की रहने वाली हूँ। मेरे परिवार में आठ लोग रहते हैं। मेरे पापा पेंटिंग करने… READ MORE
नम्रता मिश्रा : इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के 103 साल पूरे हो रहे हैं। भारत में पहली बार यह… READ MORE
इरशाद अहमद: असंगठित कामगारों की स्थिति आज कैसी है, उनके घर परिवार में कैसे उनका जीवन गुजर- बसर हो रहा… READ MORE
समिक्षा गणवीर: मैं एक महिला हूँ और वर्तमान भारत में मैं और मेरी जैसी बहुत-सी महिलाएँ यह महसूस करती हैं… READ MORE
धर्मेन्द्र यादव: कचरा शब्द जैसे ही हमारे ज़ेहन में आता है, हमारे दिमाग में एक तस्वीर बनती हैं गंदगी, मैला,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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