नीतिशा खलखो: कुमार : पता है कल यूनिवर्सिटी में फ़िल्म स्क्रीनिंग के दौरान मारपीट हो गई? नितिन : कौनसी फ़िल्म… READ MORE
सिम्मी : अगर सिनेमा की बात की जाए तो यह सिर्फ मनोरंजन का एक साधन है। जिसको देखने भर से… READ MORE
शैलेश: कैसे सत्ता का दुरुपयोग और न्याय, समानता, समता, और बंधुता के मूल्यों का हनन, ज़िम्मेदारी उठाने की स्थिति में… READ MORE
नरेश धड़कार एक गरीब घर से थे I वो एक कारीगर थे, जो रोज़ बांस की टोकरी और गर्मी के… READ MORE
मंजुलता मिरी: अमरिका बरिहा, पिता सारदा बरिहा और माता सुमित्रा बरिहा, ग्राम पिलवापाली, ब्लॉक पिथोरा, ज़िला महासमुंद, (छत्तीसगढ़) की निवासी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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