अंतरसिंग निगवाले: मैं संघर्ष से नहीं डरतामैं भारत का आदिवासी हूँ।मैं प्रकृति की आंचल में रोज जीता हूँ।अपनी सांस को… READ MORE
कलादास: क्या आप बस्तर को जानते हैं?घने वनों से आच्छादितखनिज संपदा का भण्डारअपने अंदर समेटे हुएआपार खनिज संपदाआधुनिक चकाचौँध सेबहुत… READ MORE
आदिवासियों की सारी ज़मीन उनके हाथों से धीरे-धीरे निकलती जा रही थी। इन सब से परेशान आदिवासियों का गुस्सा उनके… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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