अर्चना पाठक: सुन्दरता के प्रति मनुष्य की रुचि प्राचीन काल से ही रही है। मनुष्य बहुत तरीकों के अलंकार के… READ MORE
सलोमी एक्का: झारखंड में महिलाएँ अपनी समाज व्यवस्था में आज भी दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में जी रही… READ MORE
साधना उइके: मेरा नाम साधना उइके है, मैं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली हूँI मेरा जन्म भोपाल… READ MORE
दीपक रंजीत: अभी झारखंड में बांदना सोहराई पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। तो आइये आज हम लोग… READ MORE
वंदना टेटे: डेमटा की चटनीऔर छिलका रोटीलेकर हम बैठे हैं आबातुम्हारे साथ खाने के लिएआओ आओजब तक कि तीर बन… READ MORE
परसराम मिरी: मैं परसराम मिरी, ग्राम पिलवापानी, थाना पिचौरा, जिला महासमुन्द (छ.ग.) का रहने वाला हूँ। मेरा जीवन बहुत गरीबी… READ MORE
शबनम: राजस्थान के सिरोही जिले में वालोरिया नाम का गाँव है जिसमें भील समुदाय के लोग रहते हैं। इस गाँव… READ MORE
ज्योति लकड़ा: आज भी याद है मुझे आजी की वो कहानियाँ जिनमें टंगे होतेपेड़ों पर प्राणयह जानते हुए भी ….कटते… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: एक व्यक्ति को सम्पूर्ण होने के लिए उनके अन्दर सौन्दर्य बोध का होना अनिवार्य है। क्योंकि उसके बिना… READ MORE
युवानिया डेस्क: यह पॉडकास्ट नीतिशा खलखो द्वारा डॉ. शांति खलखो के लेख पर बनाया गया है। कर्म पर्व, प्रकृति प्रेम… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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