बचपन में मैं सरकारी विद्यालय में पढ़ती थी तो वहाँ हमारे साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था,… READ MORE
दुलिचंद: मेरा नाम दुलिचंद है। मैं राजस्थान के झालावाड़ ज़िले से हूँ। वर्तमान में, मैं झिरी गाँव के मंथन स्कूल… READ MORE
युवानिया के सभी साथियों को ज़िंदाबाद। पिछले साल जब युवानिया का पहला अंक प्रकाशित हुआ था तो साथी तेजस्विता और… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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