सांवैधानिक मूल्यों के प्रसार हेतु अनूठी घुमंतू पुस्तकालय यात्रा

शशांक शेखर: 26 नवंबर, का दिन पूरे देश के लिए किसी राष्ट्रीय उत्सव से कम नहींं होता, इस दिन भारत का संविधान अंगीकृत किया गया

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अररिया बिहार के युवा कार्यकर्ता आदिल की कहानी 

नौशेरवाँ आदिल: मेरा नाम नौशेरवाँ आदिल है। मैं अररिया बिहार का रहने वाला हूँ और इस्लाम धर्म के सेखडा जाति से हूँ। मैं एक मध्यमवर्गीय

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उत्तराखंड के खाती गाँव के युवा क्यूँ नहीं करते पलायन?

महिपाल मोहन:  इस साल अप्रैल माह की शुरुआत में मुझे उत्तराखंड के पिंडारी ग्लेशियर के पास के खाती और बाछम गाँव में जाने का मौका

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मेरी कहानी: झालावाड़ राजस्थान के दुलिचंद का जीवन परिचय

दुलिचंद: मेरा नाम दुलिचंद है। मैं राजस्थान के झालावाड़ ज़िले से हूँ। वर्तमान में, मैं झिरी गाँव के मंथन स्कूल में बच्चों को पढ़ाता हूँ।

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बच्चों की पिटाई के बारे में कुछ ये कह रही हैं फ़ैज़ाबाद की महिलाएं

हमको लगता है कि अगर बच्चे कोई गलती करते हैं तो उनको बलभर मारना चाहिए। “बच्चे सीने पे चढ़के खाएं, पर खोपड़ी पे सवार न

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छत्तीसगढ़ में फील्ड विजिट का मेरा अनुभव: फील्ड रिपोर्ट

अखिलेश: बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर, गनियारी नाम का एक छोटा सा गाँव है। यहाँ एक जन स्वास्थ्य सहयोग अस्पताल है। इस अस्पताल

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