दिलकुशा स्थित प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र ने 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में अपने केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया, जहाँ सभी युवतियों ने अपने जीवन के संघर्ष को याद करते हुए लेखन कार्य किया जहाँ उन्होंने लड़कियाँ अपना जीवन कैसे अच्छा कर, आगे बढ़ा सकती हैं, इसपर अपनी अभिव्यक्ति साझा की। साथ ही समूह ने फिल्म स्क्रीनिंग के माध्यम से आपसी चर्चा-बैठक भी की व गीत-संगीत के कार्यक्रम के साथ दिवस को मनाया।
शहादत अली खाँ की छावनी केंद्र पर भी महिला दिवस पर जूस, UNWOMEN की एक फिल्म की सीरीज़ दिखाते हुए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रेरणा किशोरी विकास केंद्र, पहाड़गंज की लड़कियों द्वारा भी महिला दिवस को अपनी माताओं के साथ संवाद करते हुए मनाया।
लड़कियों की ज़िंदगी कैसे अच्छी हो पर युवतियों के विचार
काजल राना, कक्षा 12:
हम लड़कियों को अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिये बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कठिनाइयों के साथ-साथ बहुत बारी हम सोचते भी है बेहतर बनाने को तो हमें बहुत कम सपोर्ट मिलता है। साथ ही हमें यही नहीं पता होता है कि हम अपने जीवन को कैसे बेहतर बना सकते हैं। थोड़ा बहुत सोचने के बाद मुझे लगता है कि लड़कियों का जीवन अगर बेहतर हो सकता है तो वह पढ़ाई से ही हो सकता है। इसके अलावा लड़कियों के पास और कोई ऑप्शन नहीं है। हम लड़कियों को अपने जीवन को महत्वपूर्ण बनाने के लिए हम लड़कियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करके और देश दुनिया में चल रहे कामों को जानकर कि वह किस तरह से अपने जीवन को अच्छा बना रहे हैं और आगे ले जा रहे हैं। इसके बारे में जानना चाहिए और हम लड़कियों को जागरूकता के लिए बहुत सारी संस्थाओं से जुड़ना चाहिए, क्योंकि संस्थानों में जो ज्ञान हमें मिलता है वह स्कूल में नहीं मिलता हैं। हम लड़कियों को जीवन अच्छी तरह से व्यतीत करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा परिश्रमी होना चाहिए। जिससे कि आने वाली मुसीबत का हम सामना कर सके। हम लड़कियों को बाहर जाकर कमाने का प्रयास करना चाहिए।
लड़कियों के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बहुत सारे फायदे हैं। जब महिलाएं कमाई खुद करती हैं तो उन्हें हर छोटे-बड़े खर्चे के लिए घर वालों से परमिशन मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ती। वह खुद पर खर्च भी कर सकती हैं। जो लड़कियाँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती हैं उन्हें घर-परिवार में अधिक सम्मान मिलता है। हालांकि, यह सच है कि एक गृहिणी का कार्य अधिक कठिन होता है लेकिन फिर भी हमारे समाज में उनके काम को अहमियत नहीं दी जाती। लेकिन अगर आप आत्मनिर्भर हैं तो रिश्तेदार और पड़ोसी भी आपको एक सम्मान की दृष्टि से देखते हैं; और एक बार जिंदगी में कुछ कर लेने से बहुत सारी मुश्किलों का हल आसानी से निकल जाता है। हम लड़कियों को आजाद चिड़िया की तरह अपना जीवन जीना चाहिए बिना कुछ संकोच, अपने कदम को आगे बढ़ना चाहिए।
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हर्षित; कक्षा 11, दिलकुशा, अयोध्या:
लड़कियों की जिंदगी को बेहतर बनाना असल में बहुत कठिन है। लड़कियों की भी जिंदगी होती है और उसके बारे में सोच पाना बहुत ही मुश्किल काम है। आज हम अपने सेंटर में बैठे थे और मुझे एक टॉपिक मिला कि लड़कियों के जीवन को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है या खुद के जीवन को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। इस पर लेख लिखने के लिए बहुत सोचने के बाद मुझे लगा कि आज तक मैंने अपने जीवन के बारे में कभी सोचा ही नहीं। मेरी भी जिंदगी है और मैं भी फैसला ले सकती हूं। मैं भी कुछ अपने बारे में सोच सकती हूं। आज तक मैंने यह सोचा ही नहीं। अपनी मम्मी को देखती हूं तो लगता है कि घर का काम ही करना लड़कियों की जिंदगी है। लेकिन कहीं ना कहीं मन से सुनते है तो यह लगता है कि यह सब बातें हैं; असल में हम लोग अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बहुत सारे काम कर सकते हैं। जैसे कि जिंदगी बेहतर बनाने के लिए सबसे जरूरी होता है: ज्ञान, रिस्पेक्ट, मैच्योरिटी या यह सब पाने के लिए पढ़ना-लिखना बहुत जरूरी है। अगर हमें विद्या का ज्ञान है तो तभी हम अपने आप को बेहतर बना सकते हैं। खुद पर डिपेंड होना बहुत जरूरी है। इसके लिए पैसा होना चाहिए तो पढ़ लिखकर ही अच्छा पैसा आ सकता है। खुद पर निर्भर होना जरूरी है तभी हमें फ्रीडम मिल सकती है और हम अपने जीवन को अपनी तरह से जी सकते हैं। जब आप अपनी मनचाहा जिंदगी जिएंगे तभी आप उसे बेहतर कह सकते है ,….
इसी पर मैंने आज एक कविता पढ़ी है जो कुछ इस प्रकार है:
याद रखना वे कहेंगे कम बोलो कम खाओ,,, कम सजो ,,,कम घूमो ,,,कम हंसो,,, कम खिल-खिलाओ ,,,कम बना दोस्त ,,,,कम करो सपना ,,,, मेरी दोस्त तुम कम सुनना ……
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मानसी; कक्षा 9:
लड़कियों को जीवन बेहतर बनाने के लिए पहले तो हमें खुद के बारे में जानना होगा कि हमें अपने आने वाली जिंदगी में क्या करना है क्या नहीं करना है और अपने लक्ष्य के ऊपर ध्यान देना होगा और पढ़ाई को लेकर आगे बढ़ना होगा क्योंकि पढ़ाई करने के बाद हम अपना कैरियर बना सकते हैं और एक पढ़ाई ही है जिससे हम आगे बढ़ सकते हैं। बहुत लोग कहते हैं कि कम दोस्त बना, कम बाहर घूमो लेकिन मुझे लगता है कि हमें ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनना चाहिए। जिससे कि बातचीत करके बहुत सारे समस्याओं का समाधान मिल सकता है और परेशान होने पर उनसे बात किया जा सकता है। बाहर घूमने से और नई-नई जगह जाने पर हमें बहुत सारी नई जानकारियां मिलती है और साथ ही यह भी पता चलता है कि लोग अपने जीवन में क्या-क्या कर रहे हैं और क्या नहीं। मैं जब कहीं घूमने जाती हूं तो बहुत सारी लड़कियों को देखती हूं कि वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करती है। उनसे बात करके यह भी पता चलता है कि हम किस- किस तरह की नौकरी कर सकते हैं और किस तरह की पढ़ाई से खुद को बेहतर बनाने के लिए हमें हर चीज में बेहतर होना पड़ेगा।। साथ ही मन लगाकर पढ़ाई करनी पड़ेगी। अपने जीवन को कैसे अच्छा बनाएं। इसके बारे में मैं अपने सेंटर पर आकर और कुछ भी सोचूंगी और साथ ही अपने को कैसे बेहतर बनाएं इसके बारे में भी सोच कर उसे पर काम करूंगी।
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जानवी; कक्षा 9:
हमें अपनी जिंदगी कैसे बेहतर बनानी है। इसके बारे में हमें बहुत सोचना पड़ जाता है। मैं कुछ सोच पाई हूं पर मैंने कुछ इस प्रकार अपनी बातों को लिखा है। लड़कियां अगर खुद पर डिपेंड हो तो उनकी जिंदगी बेहतर हो सकती है। लड़कियों को फालतू की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। लड़कियों को पढ़ाई करना चाहिए जिससे वह पढ़-लिखकर अपनी आगे की लाइफ अच्छी कर सके। मुझे ऐसा लगता है कि लड़कियों को घर में काम कम करना चाहिए और बाहर की दुनिया ज्यादा देखनी चाहिए और साथ ही मेरे मोहल्ले में बहुत-सी लड़कियां है; जिन्हें बाहरी दुनिया के बारे में कुछ पता ही नही है और न हीं वह सोच पाती है कि अपने जीवन को कैसे बेहतर बनाया जा सके और ना ही वह इस पर बात करना चाहती है। मुझे लगता है कि अगर वह इस पर बात करेगी तो उनका भी जीवन अच्छा हो सकता है। हम सब मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं कि उनसे भी बात किया जाए, लेकिन अगर बात की जाए मेरी तो मैं भी अपनी जीवन को बेहतर बनाने के लिए पढ़ाई कर रही हूं और साथ ही अपने मोहल्ले के केंद्र पर आती हूं; और वहां पर अच्छी-अच्छी किताबो को पढ़ती हूं और बहुत सारे गेम भी खेलती हूं। इसके साथ ही अलग-अलग मुद्दों पर बात भी करती हूं। मुझे लगता है कि लड़कियों को समानता तथा स्वतंत्रता का अधिकार होना चाहिए। जिससे वह स्वतंत्र होकर अपना जीवन जी सके।
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आशी चौधारी; कक्षा 9:
क्या करने से लड़कियों का जीवन सुधर सकता है। इस पर हम अपने सेंटर पर बात करते हैं तो हम सोचने पर मजबूर होते हैं कि आखिर हम ऐसा क्या करें जिससे लड़कियों का जीवन सुधर सकता है। लड़कियों को खुद के लिए समय निकालना चाहिए ताकि वह खुद को समझ सके। उनको बाहर निकलना चाहिए और नई-नई जगह घूमना चाहिए। फालतू लोगों की वजह से खुद को परेशान नहीं करना चाहिए। लड़कियों को हमेशा कॉन्फिडेंस में रहना चाहिए। लड़कियों को हमेशा खुद से निर्णय लेना चाहिए। लड़कियों को बहुत से देश में पढ़ने नहीं दिया जाता है जिससे उनको सफलता नहीं मिल पाती है और बहुत-सी जगह लड़किया अगर बोलती है पढ़ने को तो उन्हें घर से काम करने को कहा जाता है। लड़कियों को बहुत कमजोर माना जाता है पर उन्हें यह नहीं पता कि वह सफलता पा सकती है। उन्हें वहां तक पहुंचने नहीं दिया जाता। उन्हें बाहर जाकर पढ़ने नहीं दिया जाता। लड़कियों को लड़कों के समान नहीं माना जाता। उन्हें भी बाहर जाने की छूट मिलनी चाहिए जिससे वह सफल हो सके। लड़कियों को अपने फैसले खुद से भी लेना चाहिए जिससे कि उन्हें पता हो कि उन्हें अपने जीवन में क्या करना है क्या नहीं। हमारे यहां तो हमें यह भी नहीं पता होता कि अभी आगे चलकर करना क्या है और अगर पता भी होता है तो यह नहीं पता होता है कि कैसे करे। कौन सा सब्जेक्ट पढ़ना चाहिए कौन-सा नहीं। बहुत बार तो बहुत सारी लड़कियां गलत सब्जेक्ट ले लेती है जिससे उन्हें आगे चलकर बहुत कठिनाइयो का सामना करना पड़ता है। मेरा कहने का मतलब यह है कि बहुत बार हम अपने जीवन को बेहतर बनाने को सोचते हैं लेकिन हमें कोई राह दिखाने वाला नहीं होता है। घरवालों को नहीं पता होता है कि अब क्या पढ़ना चाहिए क्या नहीं, क्योंकि वह इतना पढ़े नही है कि हमें बता सकें; इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा बाहर निकल कर पता लगाना चाहिए कि दुनिया में क्या चल रहा है और उसे पर हम अपने जीवन को कैसे बेहतर बनाएं। इसके प्रयास में हमेशा लगे रहना चाहिए
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अजरा; कक्षा 8:
हम लड़कियों को अपना जीवन बेहतर बनाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। लड़कियों को एक ऐसा मित्र बनाना चाहिए जो उसे समझ सके वह अपनी बात कह सके। हम लड़कियों को कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे हम लड़कियों की एक पहचान बन सके। हम लड़कियों का जीवन बहुत सरल नहीं होता। लड़कियां लड़के से कम नहीं है। हमें पढ़ लिखकर अच्छा इंसान बनना चाहिए जिससे हम अपना मनचाहा चीज कर सके। अपनी जरूरत को पूरी कर सके। हमें किसी पर निर्भर नहीं होना चाहिए। ऐसे ही हम अपनी जिंदगी सुधार सकते हैं। साथ ही अपने बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना भी चाहिए कि हमें करना क्या है। बहुत कुछ हमें नहीं पता होता है कि हमें करना क्या है जैसे कि मुझे अभी समझ ही नहीं आता कि मुझे आगे चलकर क्या करना है क्या नहीं। जिसके कारण बहुत सारी दिक्कतों का समाना करना पड़ता हैं। लड़कियों को ज्यादा से ज्यादा लिखना भी सीखना चाहिए क्योंकि बहुत चीज हम कह नहीं सकते वह हम लिखकर दुनियां भर में बता सकते हैं। लड़कियों को कभी डरना नहीं चाहिए और बहुत सारी मेहनत करनी चाहिए।

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