सलोमी एक्का: झारखंड में महिलाएँ अपनी समाज व्यवस्था में आज भी दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में जी रही… READ MORE
कोर्दुला कुजूर: भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 80 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। हम यह भी… READ MORE
यशवर्धन सिंह और सुनील कुमार: “जल ही जीवन है”, हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं। जहाँ पानी होता… READ MORE
ललित कुमार उप्रेती: नवंबर में उत्तराखंड के कानिया क्षेत्र और उसके आस पास के ग्रामीण इलाकों में बाघ का आतंक… READ MORE
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ज्योति व शैलेश, बहराइच, उत्तर प्रदेश मुझे मेला देखना और मेले में छोटे-छोटे सामान खरीदना बहुत ज़्यादा पसंद है। जब… READ MORE
महिपाल मोहन: शिक्षा पाना हर एक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन क्या स्कूल चले जाने मात्र से ही वो… READ MORE
संकलनकर्ता – अमित आधारशिला बालिका शिक्षण केन्द्र, भदेसर, राजस्थान में हुए तीन दिवसीय बालिका सशक्तिकरण शिविर में लगभग 35 छात्राओं… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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