फ़हीम अंसारी: एक दिन एक बुनकर सेठ के दो कारीगर आपस में विभिन्न मुद्दों को लेकर उलझे हुए थे। एक… READ MORE
सुरेश डुडवे: दूर से नारों की आवाज़ आ रही थी। किसानों को नियमानुसार बिजली देनी होगी… देनी होगी…,आदिवासियों के साथ… READ MORE
सुरेश डुडवे: नशे की लत ने उसे पूरी तरह से खोखला कर दिया था। पिछले साल उसे खून की उल्टियां… READ MORE
सुरेश डुडवे: बादल उम्र करीब 8 साल, पैर में टूटी हुई चप्पलें, फटा हुआ टी शर्ट और लगभग उसी हालत… READ MORE
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महेश हेंब्रम: पुराने जमाने में जब स्कूल नहीं थे तो वन में कुटिया बनाकर गुरु ज्ञान होता था। एक बार… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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