सौरभ : हम सब..सारे लोग..पेड़ और पौधे..नदी और झरने,सारे पशु..सारी पक्षियाँ..सारे कीड़े..और मकौड़े..हम कितने भी अलग होंपर हम सब एक… READ MORE
सौरभ: जब सडकें बनती हैंतब जाकर कोई शहरतरक्की की पहली सीढ़ी पाता हैतहसील ऑफिस के पासप्राइवेट बैंक का ब्रांच भीउसके… READ MORE
सौरभ सिन्हा: 15 मार्च 44 BC* (ईसा पूर्व) को भरे सदन (senate) में कम से कम 60 सांसदों (senators) ने… READ MORE
सौरभ सिन्हा: झारखंड से छुड़ाए गए प्रवासी मज़दूरों की कहानी विजय* और दिव्या* की शादी कुछ साल पहले हुई थी।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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