अरबिंद भगत: भारत एक बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है, यहाँ विभिन्न प्रकार की संस्कृतियाँ सदियों से विभिन्न देशों-दिशाओं से आकर इसका हिस्सा… READ MORE
अरबिंद भगत: हमने भी मांगा था नया साल उनसे, पर उन्होंने दी गोलियों की सौगात । हमने ने भी दुआ… READ MORE
अरबिंद भगत: हम अच्छे भले जी रहे थेइस दुनिया से दूर,जिसे सभ्य कहा जाता है आज। हम जी रहे अपनी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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