सुरेश डुडवे:

साथियों हम सभी जानते हैं कि हमारे जीवन में शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। अच्छी शिक्षा इंसान के अंदर इंसानियत पैदा करती है। किसी भी बच्चे को शुरूआत से अच्छी शिक्षा दी जाए तो वह अपने जीवन में एक अच्छा इंसान ज़रूर बन सकता है।

हम सभी अच्छे से जानते हैं कि हमारे अदिवासी क्षेत्र में अधिकतर सरकारी स्कूलों की हालत बहुत ही कमज़ोर है। इसमें सरकार के साथ-साथ सरकारी शिक्षकों में भी कर्तव्य का अभाव देखने को मिलता है, हालांकि कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से कर रहें हैं। हम चाहतें हैं कि खासकर मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में जहां पर शिक्षा की हालत बहुत कमज़ोर है, वहां पर सरकारी शिक्षक अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाएं।

देवली गाँव में साथी मीराबाई द्वारा बच्चों को पढ़ाने के लिए शुरू करी गयी पहल

मेरे देवली गांव में स्वर्गवासी इंजीनियर श्री काहरिया सेनानी व कुछ मुखिया लोग, शिक्षक साथी एवं अन्य नौकरी करने वाले जागरूक लोगों  ने प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की पहल की है, जिसमें दीवान डुडवे, सुनील डुडवे, सुरेश डुडवे, श्रीमती मीराबाई रावत व गांव के शिक्षकों द्वारा बच्चों को स्कूल समय के अलावा कुछ समय अलग से पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी हमें देखने को मिल रहे हैं। हमारे द्वारा कोचिंग दिए गए बच्चों ने मॉडल व उत्कृष्ट विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। साथी सायसिंग मुजाल्दे ने भी धवली गाँव में कई महीनों तक बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी, जिसके परिणाम स्वरूप उनके विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूलों में प्रवेश पा लिया। 

कलम और उनके साथियों द्वारा गाँव के बच्चों को पढ़ाने के लिए शुरू करी गयी पहल

कलम अवाया व उनके कुछ साथियों ने भी अपने गांव में बच्चों की शिक्षा पर महत्वपूर्ण कार्य किया है। इनके अलावा जो भी साथी अपने स्तर पर गांव की शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष मदद कर रहें हैं, वह सराहनीय है।

लेकिन सायसिंग भाई, कलम भाई व दीवान डुडवे, सुनील डुडवे व मैं स्वयं सुरेश डुडवे हम सभी बाहर पढ़ाई के लिए गए हुए हैं, इसलिए अभी गांव में रहकर बच्चों को शिक्षा दे पाना हमारे लिए संभव नहीं है। हमारे विचार से क्यों न हर गांव या कुछ गांवों में हम में से कोई साथी जिसने अपनी पढ़ाई पूर्ण कर ली है या जो अभी घर पर रहकर परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे इस पर कार्य कर सकते हैं, ताकि बच्चों की अध्ययन की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे। हम चाहे तो इस कार्य करने वाले साथी को उसका मेहनताना भी दे सकते हैं। इस मुद्दे पर अपने समाज के जागरूक लोग व नौकरी करने वाले साथियों से भी बात की जा सकती है। ये हमारे कुछ सुझाव हैं। आप लोग भी कुछ सुझाव दीजिये ताकि अपने ग्रामीणों बच्चों की  शिक्षा को सुधारने में हम सभी अपनी भागीदारी निभा सकें। 

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3 responses to “युवा पहल: ग्रामीण शिक्षा की नींव मज़बूत करने के लिए युवाओं की कुछ पहल”

  1. Anarsingh More Avatar
    Anarsingh More

    Good work

  2. Vikram Avatar
    Vikram

    Very gud job…..

  3. Gopal Patel Avatar

    आदरणीय सुरेश डुडवे सर द्वारा ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के ऊपर एक लेख लिखा गया है वह काफी सराहनीय है जो कि आज की युवा पीढ़ी के नवीन विचारों के साथ समाज में नया बदलाव लाने की रचनात्मक पहले हैं हमें ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करना होगा जितने भी समाज में पढ़े लिखे नौजवान हैं या वर्तमान में बड़ी डिग्री या अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन युवा साथियों से भी अपील है कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के स्तर को सुधार करने हेतु अपना योगदान अवश्य दीजिए जब समाज के पढ़े-लिखे ग्रामीण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना चालू कर देंगे तो समाज में नया बदलाव आएगा
    सेंधवा तहसील की ग्राम देवली के जो युवा साथी ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को दुरस्त करने की एक पहल चला रहे हैं यह काफी सराहनीय कार्य है इनके लिए इन सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं । इनके अलावा आदरणीय सुरेश सर को भी हृदय पूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं इनकी लेखनी के माध्यम से लोगों तक एक सकारात्मक पहल को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ।

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