नंदिनी शर्मा : कभी-कभी बातों से लड़-झगड़कर उलझनों में गुम हो जाते हैं….सब की खुशी का ध्यान कर फिर न… READ MORE
नौशेरवां आदिल: पता नहीं चल रहा हमे कि कौन क्या है! इंसान के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ, ऊँच-नीच… READ MORE
हफ्सा नाज़: यह सुकून आसानी से नहीं मिला है I आज जब अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी में खुशियाँ और सुकून महसूस… READ MORE
सुनील चौहान:(यह लेख़क के अपने विचार हैं।) “क्या मरना ही एक रास्ता है??” “क्या मरना ही एक रास्ता हैं??” … READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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