श्रुतिका साह: छलांगो और छलांगो…कभी आसमां जकड़ने की कामना से छलांगो,कभी तपते सूरज को लाठी पर से सरकाने की उम्मीद… READ MORE
सत्यम : आज ‘युवानिया’ का सौवां अंक आपके साथ साझा हो रहा है। इस पाक्षिक वेब पत्रिका ने एक लंबा… READ MORE
युवानिया डेस्क: युवानिया के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में तीन दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया, लगभग… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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