संजीव कुमार: अगर रुकूँ तो जाऊं कहाँ, अगर रुकों तो जाओं कहाँमेरे यूँ रुक जाने से, यूँ थक बैठ जाने… READ MORE
भारत के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों-चित्तौड़गढ़, ग्वालियर, दमोह, छिंदवाड़ा तथा आदिवासी अंचलों-से प्राप्त अनुभवों को संकलित करने पर महिलाओं की स्थिति… READ MORE
वेद मीना : नारी का वस्तुकरण से तात्पर्य नारी को कोई चीज़/भौतिक वस्तु समझने से है। जिसके प्रति न कोई… READ MORE
धनक संस्था द्वारा साझा की गयी – भारती बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली 21 साल की लड़की है जिसे पानीपत… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress