धर्मेन्द्र और थानेश्वर : शाहबाद डेयरी, दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय वेस्ट पिकर्स डे के अवसर पर लोकाधिकार, दिल्ली राउंड टेबल, सेंटर… READ MORE
धर्मेन्द्र यादव: कचरा शब्द जैसे ही हमारे ज़ेहन में आता है, हमारे दिमाग में एक तस्वीर बनती हैं गंदगी, मैला,… READ MORE
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धर्मेन्द्र यादव: सन् 2008 में एक एनेमीशेन फिल्म आई, वॉल-ई। इस फिल्म में दिखाया गया कि किस तरह से दुनिया… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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