नाज़नीन:“मुझे लगता है कि मानसिक स्वास्थ्य से कलंक को दूर करना वास्तव में महत्वपूर्ण है…मेरा दिल और दिमाग मेरे लिए… READ MORE
बचपन में मैं सरकारी विद्यालय में पढ़ती थी तो वहाँ हमारे साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था,… READ MORE
नाजमीन: मेरा ये मानना है कि लड़कियों को पढ़-लिख कर आगे बढ़ने का पूर मौका मिलना चाहिए। इसलिए कि मेरी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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