अगस्त क्रांति में आज़ादी के आंदोलन के स्वर्णिम अध्याय डॉ सुनीलम: 9 अगस्त 1942 का दिन 1857 की क्रांति के… READ MORE
संजीव कुमार: यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति के जीवन संघर्ष से संबंधित है जिसने जीवन में बहुत कुछ सीखा –… READ MORE
मेरे पापा ऐसी परिस्थिति से एकदम भी नही घबराते हैं। उनका हँसता हुआ चेहरा हम सभी को बहुत हिम्मत दे… READ MORE
अजय कन्नौजे: प्रकृति से ही लिया है, तो उसे लौटाना पड़ेगा, प्रकृति से ही जीवन है, तो उसे मनाना पड़ेगा।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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