(आदिवासियों के लिए रोजगार बना अभिशाप) संजीव कुमार: रोज़मर्रा की इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में न जाने कितनी समस्याओं का… READ MORE
मंजूलता मिरी: ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के पास भूमि स्वामित्व न होना उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा रही है।… READ MORE
मनीषा शहारे : महुआ के पेड़ को आप सभी लोग जानते ही होंगे। यह ग्रामीण क्षेत्रों, जंगलों और खेतों में… READ MORE
राजकुमार सिन्हा: भारत में आदिवासियों/मूलनिवासियों का जंगलों से रिश्ता सहअस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है। ऐतिहासिक दृष्टि से वन एवं… READ MORE
अनिल, सहोदय ट्रस्ट: तुरी समुदाय अनुसूचित जाति का एक समुदाय है जो मुख्यतः बिहार, झारखण्ड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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