रोहित चौहान: फरवरी महीने में हमें पुणे के बारामती में गन्ना श्रमिकों के पड़ावों में जाने का मौका मिला। सुबह… READ MORE
जयश्री: हम में से बहुत से लोग अंडे बड़ी खुशी से खाते हैं, शहरों में तो यह नाश्ते का सबसे… READ MORE
नरेश धड़कार एक गरीब घर से थे I वो एक कारीगर थे, जो रोज़ बांस की टोकरी और गर्मी के… READ MORE
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अरविंद अंजुम: काश मैं सबको इस बात के लिए मना सकता कि सिविल नाफरमानी हर नागरिक का जन्मजात अधिकार है।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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