जीनित सामाद: भारत का ग्रामीण समाज लंबे समय से आजीविका, पलायन और असुरक्षा के त्रिकोण में फंसा रहा है। ऐसे… READ MORE
आलोक सोनकर: # ग्राम पंचायत चुनाव # आज घूमिहे काल घूमिहे, घूमिहे पूरे गांव में। वोट मांगे अईहे VIP… READ MORE
ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ କୁମାର ମିଶ୍ର (प्रफुल्ला मिश्रा):(ओड़िया कविता) ଆପନ୍ ମାନେ ଖୁ ….ସି …. ତ….! ଆଳୁ ଚାଳିଶିକୁ ପିଆଜ ପଚାଶ … READ MORE
जसिंता केरकेट्टा: हम नहीं जानते थे कैसी होती है कोई सरकारजन्म लेते और होश संभालते ही हमने देखा सिर्फ़ जंगल… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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