युवानिया डेस्क: हसदेव अरण्य, देश के मध्यपूर्व के छत्तीसगढ़ राज्य में आने वाला एक सघन वन क्षेत्र है। करीब 1… READ MORE
युवानिया डेस्क: जिस गति से पर्यावरण में बदलाव आ रहे हैं, वह किसी एक इलाके के लोगों के लिए ही… READ MORE
ଲୋଚନ ବରିହା (लोचन बरिहा): ଜଲ ଜଂଗଲ ଜମୀନ୍ ମାଁ ବୁଆ ରେ ଆମେ ଇ ମାଟିର ଛୁଆ ଜଂଗଲ ହେଉଛେ ଆମ୍ କେ ସାହାରେ ଆମେ… READ MORE
संजय बाड़ा: ’30 साल पहले टाटा स्टील में आदिवासी मज़दूरों की संख्या करीब 29 हज़ार थी, जो अब घटकर लगभग… READ MORE
गाँव-गाँव में मनाया गया हरेली त्यौहार -(छत्तीसगढ़) हरेली छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति का पहला राजकीय त्यौहार है। हरेली इसलिए… READ MORE
जेरोम जेराल्ड कुजूर: आज भी हमें डर है।हमारी ज़मीन पर,हम खुशहाल थे,धान, मडुवा, गोंदली, मकई सेलहराते थे हमारे खेत,देख हम… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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