ख़ीमा जेठी: उत्तराखंड की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति ‘राजी जनजाति’ है। यह जनजा ति एक अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को… READ MORE
Arshia Kashyap: The Zafar Mahal was not always a rundown structure where children came to play and adults came to… READ MORE
फुलेश्वर : नक्षत्र मालाकार का जन्म 9 अक्टूबर 1905 को बिहार के पूर्णिया जिले के समेली गाँव में हुआ था। एक… READ MORE
अरविंद अंजुम : गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का 14… READ MORE
विलक्षण बौद्ध: अन्तर्राष्ट्रीय मूलनिवासी-आदिवासी दिवस के अवसर पर भारत के सभी मूलनिवासियों (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों एवं धर्मान्तरित… READ MORE
आधारशिला बालिकाएं : युवानिया का यह विशेष अंक, हाशिये पर मौजूद समुदायों के अधिकारों की लड़ाई में अपना जीवन लगा… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: नगेसिया समुदाय का मुख्य बसाहट अधिकतर पहाड़ों के ऊपर याने पठारी भाग में है। भौगोलिक दृष्टिकोण से देखा… READ MORE
कोर्दूला कुजूर: एक व्यक्ति को सम्पूर्ण होने के लिए उनके अन्दर सौन्दर्य बोध का होना अनिवार्य है। क्योंकि उसके बिना… READ MORE
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हाफीज़ किद्वाई: इन्हें भोजपुरी का शेक्सपियर कहते हैं, मगर मुझे ऐसी संज्ञाएँ नापसंद हैं। अगर कोई शेक्सपियर को पश्चिम का… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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