नंदिनी शर्मा: नौकरी जीवन का एक हिस्सा है,पर पूरा जीवन नहीं।।यह बात जानते हुए भीहम काम के बीच कहीं इसे… READ MORE
नंदिनी: आज का युवा दो जंग लड़ता है—एक किताबों से, एक हालातों से।एक CV के पन्नों में खुद को समेटता… READ MORE
नंदिनी शर्मा : समाज कहता, समझ से बढ़ो,शांति और एकता का दीप जलाओ।हर दिल में प्रेम का संचार हो,हर मन… READ MORE
नंदिनी शर्मा : आज का युवा परेशान है, अपनी खुशी की तलाश में।उलझे जहाँ में ज़िद मन-मर्जी करने वाला,युवा आज… READ MORE
नंदिनी : घर से दूर आकर आज़ादी में कैद हो गएमाँ की फिकर, पापा के गुस्से को बंदिश समझते थेबाहर… READ MORE
नंदिनी शर्मा : कभी-कभी बातों से लड़-झगड़कर उलझनों में गुम हो जाते हैं….सब की खुशी का ध्यान कर फिर न… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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