अंतरसिंह निगवाले :
ए पढ़ाई करने ने समय छे……।
ए दादा रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए बहना रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए मेहनत करने ने समय छे…..।
ए दादा रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए बहना रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए संविधान भनने समय छे…..।
ए दादा रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए बहना रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
संविधान भनी ले ने संसद मा पुगीजा…..।
दादा रे तारी जिंदगी ने संविधान मां अधिकार छे…..।
बहना रे तारी जिंदगी ने संविधान मां अधिकार छे……।
ए दादा रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
ए बहना रे मन फिराई ले असलू मोकू कदी नी जड़े।
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View all postsअंतरसिंग, मध्यप्रदेश के बड़वानी ज़िले से हैं। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से एम.टेक. किया है। वर्तमान में वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर की जनजातीय अध्ययनशाला में अध्ययनरत हैं।

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