मनीषा शहारे :

शतावरी एक आयुर्वेदिक दवा है जो हमारे यहाँ जंगलों में मिलती है। शतावरी का चूर्ण अधिकतर महिलाओं के लिए फायदेमंद है। आजकल लोग आयुर्वेदिक दवा कम लेते हैं, पर अच्छी सेहत के लिए आयुर्वेदिक दवा ही फायदेमंद होती है। हमारे यहाँ बचत गट से जुड़ी महिलाएं यह शतावरी का पाउडर बनाने के काम करती हैं। मार्केट में भी शतावरी का चूर्ण मिलता है पर गाँव की महिलाएं जंगल से लाकर, शतावरी की जड़ सुखाकर, उसे पीसकर, पैकिंग करके मार्केट में भेजती है । 

हमारे क्षेत्र में ज़्यादातर शतावरी का पाउडर बचत गट के माध्यम से ही बेचा जाता है। यहाँ कोई मिलावट नहीं रहती है। जंगल से साल में एक बार शतावरी की जड़ी-बूटी लाई जाती है और उसे सुखाकर साल भर के लिए पैकिंग करके रखते हैं और वह मार्केट में भेजते हैं । 

डिलीवरी के बाद महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार का काम करता हैं शतावरी पाउडर 

शतावरी पाउडर का उपयोग इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। महिलाओं को माँ बनने के बाद में शतावरी पाउडर पौष्टिक आहार के तौर पर दिया जाता है। डिलीवरी के बाद महिलाएं इस पाउडर का सुबह-शाम दो बार खा सकती हैं, इससे बच्चों को भी कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। पहले के लोग ज़्यादातर शतावरी के जड़ से पाउडर बनाकर घर में बहुत उपयोग में लाते थे। जंगल से शतावरी का रस भी लाते थे। इसका एक चम्मच हर रोज़ खाना बहुत ही फायदेमंद होता था। ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका उपयोग शरीर को तंदरुस्त रखने में करते थे। यह वनस्पति दिखने में सीधी-सादी दिखती है पर ज़मीन के अंदर की उसकी जड़ दवा के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है।       

चलिए जाने शतावरी के गुण के बारे में।                       

(1) शतावरी का टेस्ट कड़वा होता है। यह शरीर के लिए ठंडी होती है।

(2) शतावरी पाचन के लिए लाभदायक है। 

(3) शतावरी का उपयोग क्रीम के रूप में भी किया जाता है।

(4) महिलाओं के हार्मोन चेंजिंग के लिए यह ज़्यादातर फायदेमंद होता है।

(5) महिलाओं को जब मासिक पाली का प्रॉब्लम हो तो शतावरी पाउडर का उपयोग कर सकते हैं। 

(6) यह शरीर को ताकत देकर, थकान को दूर करता है। 

(7) महिलाओं की डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट के दूध की कमी हो तो वह शतावरी से दूर हो जाती है। 

(8) महिलाओं को सफेद पानी की समस्या होती है तो उसमें भी यह बहुत लाभदायक होती है।                      

शतावरी लेने का सही तरीका।        

(1) शतावरी पाउडर को 5 ग्राम से ज़्यादा नहीं लेना चाहिए। 

(2) शतावरी पाउडर गुनगुने पानी में मिक्स करके ले सकते हैं।

(3) शतावरी पाउडर दूध के साथ ले रहे हैं तो दूध को थोड़ा-सा ठंडा होने के बाद लेना है और अगर आप चाहे तो टेस्ट के लिए चीनी (शुगर) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

(4) शतावरी पाउडर का टेस्ट अगर पसंद नहीं है तो एक चम्मच पाउडर मुंह में डालकर गुनगुना पानी पी सकते हैं।

(5) शतावरी पाउडर खाली पेट नहीं लेना चाहिए। इसे खाने के 10 मिनट के बाद लेना चाहिए।

शतावरी का इस्तेमाल दिए गए तरीके से ही करें।

Author

  • मनीषा, महाराष्ट्र के गोंदिया ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं। वह कष्टकारी जन आन्दोलन के साथ जुड़कर स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही हैं।

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One response to “हमारे जंगल की फायदेमंद आयुर्वेदिक दवा – शतावरी”

  1. भिमराव दरेकर 8888629221 Avatar
    भिमराव दरेकर 8888629221

    मनिषा शहारे आपले स्वागत आहे खुप छान माहिती दिली

    शतावरी काय किंमत आहे कळवावे

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