प्रियंका खेस: “आदिवासी” अर्थात आदिकाल से निवास कर रहे लोग। वे इस भूखंड में प्राचीन काल, यानी सदियों से रह… READ MORE
ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ କୁମାର ମିଶ୍ର (प्रफुल्ला कुमार मिश्रा): ଅଧୁନା ସମାଜରେ ମନୁସ୍ମୃତିର ଲେପନ ପ୍ରକ୍ରିୟା ଜୋର୍ସୋର୍ରେ ଚାଲିଛି। ସେଥିରେ ଆଦିବାସୀ ସମାଜଟି ବାଦ୍ ଯିବ କିପରି! ଆମେ… READ MORE
उर्मिला: जनता सूचना केंद्र की लाइब्रेरी हम ‘लाइब्रेरी से दोस्ती’ कोर्स से पहले चलाते थे। यह चार गाँवों, घूघरा, मालमाथा,… READ MORE
ज़ैनब फातिमा: कुछ इमारतें सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं होतीं, वे हमारी यादों और हमारी पहचान की नींव… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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