कोर्दुला कुजूर: झारखंड के सभी आदिवासी समाजों में बीज बोने की रीतियाँ और परंपराएँ लगभग एक जैसी हैं। साथ ही… READ MORE
दीपक कांबले: बदलत्या वातावरणामुळे शेतकऱ्यांपुढे आज खूप मोठे आव्हान निर्माण झाले आहे. बदलत्या वातावरणाचा परिणाम महाराष्ट्रातील शेतीवर, पर्यायाने शेतकऱ्यांवर होताना… READ MORE
मान्या: अपने जानने, समझने और सीखने की प्रक्रिया के दौरान मुझे गाँव के लोगों के जीवन और उनकी खेती-किसानी की… READ MORE
मनीषा शहारे: गर्मियों में और बरसात में धान की खेती होती है। पहले पारंपरिक तरीके से खेती की जाती थी।… READ MORE
हीरालाल लववंशी: हमारे क्षेत्र में खरीफ की फसल पूर्णतः बारिश पर आधारित है। कई बार बारिश के अभाव में बीज… READ MORE
Maani: My first love bloomed in a sugarcane field. It happened during an NSS camp in Marayoor, a small town… READ MORE
पारस लोधियाल: मैं उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले के रामगढ़ क्षेत्र के लोध गाँव का रहने वाला हूँ। हमारा इलाका खुबानी,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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