रंजना भगोरा: राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन में मेरी दादी और मां काम से जुड़ी हैं। इसमें महिलाएं मिलकर नरेगा में… READ MORE
राधा परिहार: अनुभव: स्कूल खत्म होने के बाद जब मेरे साथी अपने आगे की पढ़ाई और सपनों को पूरा करने… READ MORE
जितेन्द्र तबियाड: मैं बहुत ही गरीब परिवार में, एक छोटे से गाँव डेडली आसियाबाद, ज़िला डूंगरपुर, राजस्थान में पला-बढ़ा हूँ।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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