कोमल:यह तस्वीरे दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर की है जहाँ पर महिला मज़दूर अपने तोड़े गए घर के मलबे को बेचकर… READ MORE
मीना जादव : ‘मज़दूर’ शब्द सुनते ही हमारे दिमाग में अक्सर एक पुरुष मज़दूर की छवि उभरकर आती है, जबकि… READ MORE
सलोमी एक्का: झारखंड में महिलाएँ अपनी समाज व्यवस्था में आज भी दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में जी रही… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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